Ganesh Aarti|Ganesh ji ki Aarti Lyrics

Ganesh Aarti Lyrics in Hindi | भगवान गणेश अपने सभी भक्तों की हर एक पीड़ा को हरते है। वह अपने भक्तों की हर एक मनोकामना को पूरा करते हैं। गणेश जी प्रथम पूज्य हैं और रिद्धि-सिद्धि के दाता है।

Ganesh Aarti

बिना आरती के कोई भी पूजा अर्चना सम्पन नही होती है । पूजा में आरती करना अपने आराध्य देव को अपनी प्राथना को उन तक पहुचाना।

Ganesh Aarti Lyrics in Hindi

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेव।।
एक दांत दयावन्त चार भुजाधारी।
माथे सिंदूर सोहे , मूसे की सवारी।।
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करे सेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेव।।
अंधे को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेव।।
दिनन की लाज रखो शम्भु सुतकारी।
कामना को पूरा करो जग बलिहारी।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेव।।

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गणेश जी को एकदन्त क्यों कहते हैं?

गणेश जी को एक दंत कहते है क्योंकि उनका एक सूढ़ ही बचा था। एक लड़ाई में उन्हें अपना एक सूढ़ खो दिया।

गणेश जी को लंबोदर क्यों कहा जाता है?

उदर का शाब्दिक अर्थ होता है पेट। जैसा कि आपको पता है गणेश जी का पेट मोटा व लंबा है इसलिए उन्हें लंबोदर कहते हैं।

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